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केरल-कर्नाटक सीमा पर बैराकुप्पा पुल निर्माण का रास्ता साफ

Kavita2
6 Aug 2026 11:13 AM IST
केरल-कर्नाटक सीमा पर बैराकुप्पा पुल निर्माण का रास्ता साफ
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तिरुवनंतपुरम। केरल और कर्नाटक के बीच लंबे समय से अटकी एक महत्वपूर्ण सड़क संपर्क परियोजना को अब नई गति मिलने की उम्मीद है। केरल के लोक निर्माण मंत्री पी.ए. बशीर ने गुरुवार को जानकारी दी कि कर्नाटक सरकार ने केरल-कर्नाटक सीमा पर काबानी नदी पर प्रस्तावित बैराकुप्पा पुल के निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया है।

इस मंजूरी के बाद वर्षों से लंबित इस अंतरराज्यीय पुल परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। प्रस्तावित पुल केरल के वायनाड जिले के पेरिक्कलूर को कर्नाटक के कोडागु जिले के बैराकुप्पा क्षेत्र से जोड़ेगा।

दोनों राज्यों के बीच बढ़ेगा सड़क संपर्क

अधिकारियों के अनुसार, बैराकुप्पा पुल बनने से केरल और कर्नाटक के सीमावर्ती इलाकों के बीच आवागमन आसान होगा। यह पुल दोनों राज्यों के बीच एक वैकल्पिक सड़क मार्ग उपलब्ध कराएगा, जिससे स्थानीय लोगों, व्यापारियों और यात्रियों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

वर्तमान में सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को कई बार लंबी दूरी तय करके एक राज्य से दूसरे राज्य तक पहुंचना पड़ता है। पुल बनने के बाद यात्रा का समय कम होने और परिवहन व्यवस्था बेहतर होने की संभावना है।

लंबे समय से लंबित थी परियोजना

बैराकुप्पा पुल परियोजना लंबे समय से प्रस्तावित थी, लेकिन विभिन्न प्रशासनिक और अंतरराज्यीय मंजूरियों के कारण इसका काम आगे नहीं बढ़ पा रहा था।

अब कर्नाटक की ओर से NOC मिलने के बाद परियोजना से जुड़ी बाधाएं कम हो गई हैं। केरल सरकार का कहना है कि यह मंजूरी क्षेत्र के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

काबानी नदी पर बनेगा पुल

यह पुल काबानी नदी पर बनाया जाना है, जो दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों से होकर गुजरती है। नदी पर पुल निर्माण के लिए पर्यावरणीय, तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए लंबे समय से प्रक्रिया चल रही थी।

अब संबंधित विभाग आगे की औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे।

वायनाड क्षेत्र को मिलेगा लाभ

वायनाड जिला भौगोलिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है और इसकी सीमा कर्नाटक से लगती है। यहां रहने वाले लोगों के लिए बेहतर सड़क संपर्क रोजगार, व्यापार और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं तक पहुंच को आसान बना सकता है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि पुल बनने के बाद दोनों राज्यों के बीच सामाजिक और आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी।

पर्यटन को भी मिल सकती है बढ़ावा

वायनाड और कोडागु दोनों ही प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन के लिए जाने जाते हैं। बेहतर सड़क संपर्क बनने से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

पर्यटक दोनों क्षेत्रों के बीच आसानी से यात्रा कर सकेंगे, जिससे स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो सकती है।

सरकार ने जताई उम्मीद

केरल लोक निर्माण विभाग के मंत्री पी.ए. बशीर ने कहा कि कर्नाटक सरकार की मंजूरी मिलने से एक महत्वपूर्ण बाधा दूर हो गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

अधिकारियों के मुताबिक, पुल निर्माण से पहले तकनीकी जांच, डिजाइन और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

स्थानीय लोगों में खुशी

पुल निर्माण की मंजूरी की खबर से सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों में खुशी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह परियोजना कई वर्षों से उनकी मांग का हिस्सा रही है।

लोगों का मानना है कि पुल बनने से रोजमर्रा की आवाजाही आसान होगी और क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।

आगे की प्रक्रिया पर नजर

अब परियोजना के अगले चरण में निर्माण से जुड़ी तैयारियां शुरू की जाएंगी। संबंधित विभाग पुल की तकनीकी रूपरेखा, लागत और निर्माण समय सीमा को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटेंगे।

कुल मिलाकर, बैराकुप्पा पुल के लिए कर्नाटक से मिली NOC के बाद केरल-कर्नाटक सीमा पर कनेक्टिविटी सुधारने वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना को नई उम्मीद मिली है। यह पुल दोनों राज्यों के बीच न केवल सड़क संपर्क मजबूत करेगा, बल्कि आर्थिक और सामाजिक संबंधों को भी बढ़ावा देगा।

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